Friday, February 12, 2021

अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) की तारीख बदलने की मांग उठाई गई।

 REET 2021 Exam Date: राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा 2021 के लिए चल रही तैयारियों के बीच  राजस्थान विधानसभा में आज अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) की तारीख बदलने की मांग उठाई गई।

शून्यकाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक कालीचरण सराफ ने स्थगन प्रस्ताव के तहत यह मांग उठाई। श्री सराफ ने कहा कि रीट की परीक्षा आगामी 25 अप्रैल को कराया जाना घोषित किया हुआ हैं लेकिन उस दिन महावीर जयंती है, जो जैन समाज का बड़ा पर्व है। उस दिन परीक्षा हुई तो जैन समाज के अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित हो जाएंगे।उन्होंने कहा कि इसके अगले दिन अबूझ सावा अक्षय तृतीया है। इस दिन बड़ी तादाद में शादियां भी हैं। सरकार को रीट परीक्षा इन दो तारीखों से चार-पांच दिन पहले या बाद में कराई जानी चाहिए ताकि सभी परीक्षार्थी आसानी से परीक्षा दे सकें। 

 

20 फरवरी तक आवेदन का मौका-
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ( आरबीएसई ) ने रीट आवेदन प्राप्ति की अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 फरवरी 2021 कर दी है। पहले यह डेट 4 फरवरी थी। अभ्यर्थी 19 फरवरी तक ऑनलाइन शुल्क जमा करा सकेंगे। ऑनलाइन आवेदन पत्र 20 फरवरी तक भर सकेंगे। अभ्यर्थी www.rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाकर REET2021 के लिंक पर क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैँ।

रीट के जरिए राज्य में 31000 शिक्षकों की भर्ती होनी है। विस्तृत नोटिफिकेशन में रीट-1 लेवल, रीट लेवल-2 के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता व सिलेबस भी देखा जा सकता है। 25 अप्रैल को रीट परीक्षा होगी। कक्षा छह से आठ तक की परीक्षा 10 बजे से साढ़े 12 बजे तक होगी और कक्षा एक से पांच कक्षा तक के लिए ढाई से 5 बजे तक होगी। 


Thursday, January 21, 2021

आधार कार्ड न केवल आपका महत्‍वपूर्ण पहचान दस्‍तावेज है बल्कि भारत में सभी आवश्‍यक सेवाओं और सुविधाओं के लिए भी यह अनिवार्य बन चुका है।

 आधार कार्ड न केवल आपका महत्‍वपूर्ण पहचान दस्‍तावेज है बल्कि भारत में सभी आवश्‍यक सेवाओं और सुविधाओं के लिए भी यह अनिवार्य बन चुका है।

भारत में किसी भी नागरिक को अपनी पहचान सिद्ध करने के लिए आधार नंबर (Aadhaar) एक महत्‍वपूर्ण दस्‍तावेज बन गया है। केंद्र सरकार द्वारा भारत के नागरिक को एक 12 अंक का विशिष्‍ट पहचान नंबर जारी किया जाता है। आधान नंबर को जारी करने और उसका प्रबंधन करने की जिम्‍मेदारी भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) को सौंपी गई है। आधार के डेटाबेस में आवश्‍यक जानकारी को संभाल कर रखा जाता है और इसमें प्रत्‍येक भारतीय नागरिक का विवरण जैसे नाम, पता,  मोबाइल नंबर, फोटो के साथ उसकी बायोमेट्रिक जानकारी भी होती है। आधार कार्ड (Aadhaar card) भारत के किसी भी नागरिक के लिए एक आवश्‍यक और महत्‍वपूर्ण सरकारी पहचान दस्‍तावेज बन गया है। आधार कार्ड न केवल आपका महत्‍वपूर्ण पहचान दस्‍तावेज है बल्कि भारत में सभी आवश्‍यक सेवाओं और सुविधाओं के लिए भी यह अनिवार्य बन चुका है।


आधार कार्ड हासिल करने के लिए नामाकंन करने और आधार कार्ड प्राप्‍त करने के बाद अगर आपको लगता है कि कुछ जानकारी इसमें गलत है तो इसे आप इसे सही या अपडेट करवा सकते हैं। UIDAI आधार कार्ड में सुधार या अपडेट करवाने की ऑनलाइन के साथ ही साथ ऑफलाइन सुविधा भी उपलब्‍ध करवाता है। आप आधार कार्ड करेक्‍शन फॉर्म के जरिये किसी भी गलती को सुधरवा सकते हैं या अपनी जानकारी को अपडेट करवा सकते हैं। नामांकन की तारीख से 4 दिनों के भीतर आपको अपडेट या सुधार करवाने के लिए कोई शुल्‍क नहीं देना होगा। हालांकि 4 दिन बाद आपको किसी भी करेक्‍शन या अपडेट के लिए 50 रुपये का मामूली शुल्‍क देना होगा।

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UIDAI पहले आधार कार्ड में नाम, पता, मोबाइल नंबर के साथ ही साथ फोटोग्राफ को भी अपडेट करने की ऑनलाइन सुविधा देता था। लेकिन अब ऑनलाइन प्रक्रिया केवल पता बदलवाने के लिए ही उपलब्‍ध है। बाकी अन्‍य बदलावों के लिए जैसे नाम, मोबाइल नंबर, जन्‍म की तारीख, ई-मेल एड्रेस और फोटोग्राफ में बदलाव के लिए आपको ऑफलाइन प्रक्रिया का सहारा लेना होगा।  


आधार कार्ड में कैसे बदलें अपना फोटो

इसके लिए यहां दो विकल्‍प हैं, जिसकी मदद से आप आधार कार्ड फोटो को बदल सकते हैं। इसके लिए आप अपने नजदीकी नामांकन केंद्र जा सकते हैं या आप पोस्‍ट के जरिये फोटोग्राफ में बदलाव का आवेदन कर सकते हैं।

नामांकन केंद्र के जरिये आधार कार्ड फोटो चेंज

फोटोग्राफ बायोमेट्रिक डाटा के तहत आता है। इसके साथ ही फ‍िंगरप्रिंट्स और आइरिस स्‍कैन भी आता है। बायोमेट्रिक डाटा में बदलाव के लिए आपको अपने नजदीकी आधार नामाकंन केंद्र जाना होगा। आप UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आधार नामाकंन केंद्र या आधार सेवा केंद्र का पता लगा सकते हैं।


यूआईडीएआई की वेबसाइट के होमपेज पर  Get Aadhaar” सेक्‍शन में जाकर आधार नामांकन/अपडेट फॉर्म को डाउनलोड करें।

फॉर्म को सही से भरें और इसे आधार नामांकन केंद्र में जाकर जमा कर दें।

आपको अपने बायोमेट्रिक डाटा को दोबारा कैप्‍चर करवाने के लिए तय प्रक्रिया का पालन करना होगा।

नामाकंन केंद्र पर आपके फ‍िंगरप्रिंट्स, रेटीना स्‍कैन और फोटोग्राफ को दोबारा कैप्‍चर किया जाएगा।

सेंटर ऑफ‍िसर अपने कैमरा से आपका फोटो स्‍वयं क्लिक करेगा।

अपने आधार जानकारी को अपडेट करवाने के लिए आपको 50 रुपये के शुल्‍क का भुगतान करना होगा।

आवश्‍यक डाटा को UIDAI कॉरपोरेट ऑफ‍िस भेजा जाएगा। अपडेटेड पिक्‍चर के साथ आपको नया आधार कार्ड लगभग 90 दिनों के भीतर प्राप्‍त होगा।

आपके फोटो को अपडेट करने का आवेदन जैसे ही स्‍वीकार हो जाता है आपको एक यूआरएन या अपडेट रिक्‍वेस्‍ट नंबर प्राप्‍त होगा।

इस नंबर के जरिये आप अपने आवेदन को ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं।

आप अपने अपडेटेड आधार कार्ड को ऑनलाइन भी डाउनलोड कर सकते हैं।

पोस्‍ट के जरिये आधार कार्ड में फोटो चेंज  

आधार कार्ड में फोटो बदलवाने का दूसरा विकल्‍प है पोस्‍ट के जरिये। यदि आप आधार सेवा केंद्र नहीं जाना चाहते हैं तो आप यूआईडीएआई के क्षेत्रीय कार्यालय को लिखकर अपने आधार कार्ड में सुधार या अपडेट करवा सकते हैं।  यूआईडीएआई पोर्टल पर जाकर वहां से ‘Aadhaar card update correction’ फॉर्म को डाउनलोड करें।

अपनी सभी जानकरी को इसमें सही-सही भरें।

यूआईडीएआई क्षेत्रीय कार्यालय को एक पत्र लिखें और उसमें फोटो अपडेट का निवेदन करें। अपने नए फोटो को इस फॉर्म और आवेदन के साथ पोस्‍ट करें।

अपने ताजा फोटोग्राफ को स्‍व-प्रमाणि कर फॉर्म और आवेदन के साथ भेजें।

आप अपने क्षेत्र के क्षेत्रीय कार्यालय का पता यूआईडीएआई की वेबसाइट से हासिल कर सकते हैं।

आवेदन करने के दो हफ्ते के भीतर आपको नई फोटोग्राफ के साथ आपका नया आधार कार्ड मिल जाएगा।

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Friday, January 8, 2021

राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2019 के परिणाम पर लगी रोक

 राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2019 के परिणाम पर लगी रोक



राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने लगाई परिणाम पर रोक जहीर अहमद जाजोद की याचिका पर सुनवाई करते हुए लगाई रोके जस्टिस एसपी शर्मा की बेंच ने लगाई परीक्षा परिणाम पर रोक डीजीपी और डीआईजी भर्ती को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

पल्लू. कस्बे की ई-मित्र युनियन ने अपने साथी ई-मित्र संचालक केशव पंचारियां का स्वागत किया।

  पल्लू. कस्बे की ई-मित्र युनियन ने अपने साथी ई-मित्र संचालक केशव पंचारियां का स्वागत किया।




युनियन का सदस्य जो हर वर्ग के जनहित संघर्ष के लिए सदैव तैयार रहते है। इसलिए माकपा नेता केशव पंचारियां का स्वागत समारोह कस्बें मरूधर टैक्सवे ऑफिस के आगे शुक्रवार को किया गया। इस दौरान उन्हें माला पहनाकर सभी ने सम्मान दिया।

समारोह में हसन रजा ने बताया कि उन्हें खुशी है कि उनका साथी सदैव जनहित के लिए तैयार रहता है। फिर चाहे किसानों के समर्थन में टोलनाका फ्री करवाने की बात हो क्षेत्र में चल रही बिजली की समस्या जिसके समाधान के लिए वो हर समय संघर्षरत रहे है। ऐेसे में उनको खुशी है कि ई-मित्र साथी होने के बावजूद जनहितैसी भी है।
वहीं राजेंद्र बाना ने कहा कि केशव पंचारियां ने ब्लॉक नंबर ७ से पंचायत समिति सदस्य चूनाव लड़ा, हालांकी हार-जीत एक सिक्के के दो पहलू है। मगर चूनाव लडऩे के लिए हिम्मत जुटाना बहुत बड़ी बात है। उनका मनोबल लगातार बनाये रखने के लिए साथी ई-मित्र का मान सम्मान करना हौंसला बढ़ाने वाला है।
इस दौरान माकपा नेता केशव पंचारिया ने सभी ई-मित्र साथियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि ये मान सम्मान अकेले केशव पंचारिया का नहीं है बल्की उन सभी युवा का स्वागत है जो आगे बढक़र जनहित के लिए संघर्ष करना चाहते है। ये मान सम्मान उन सभी युवाओं के लिए हौंसला बढ़ायेगा। उन्होने कहा कि जनहित के कार्यों के लिए उन्हें चाहे कितना ही संघर्ष करना पड़े केशव आपको अगले स्थान पर मिलेगा। तथा किसी भी प्रकार को शोषण सहन नहीं करेंगे। चाहे उसके लिए संबधित कार्यालयों के आगे दरी बिछानी ही क्यों ना पड़े।
इस दौरान राजेश बिजारणियां, युनियन अध्यक्ष शुभम ऑफसेट मोहर सिंह सहारण, मरूधर टैक्स एडवाईजर जगदीश एम सहू, ऑनलाईन जोब के भंवरलाल गेंदर, श्री गणेश कंप्युटर के रामजीलाल कड़वासरा, सुडा ईमित्र के बदरी नारायण सुडा, ढाका ईमित्र के महेंद्र ढाका, भारत सीएससी सेंटर के विनोद गोस्वामी, विकी ईमित्र, आसीन बिसरासर, नोखवाल ई-मित्र के रमेश कुमार, बिसरासर के नवरतन, विजय जाजड़ा,, नथुराम जाखड़ मालासर, अनील शर्मा सहित पल्लू क्षेत्र के तमाम ई-मित्र संचालक मौजूद रहे।

Wednesday, May 20, 2020

रावतसर दुर्ग में 19 राजाओं ने राज किया, लगभग 434 साल से राज परिवार ही कर रहा संभाल, 270 साल से निकल रही गणगौर की सवा

रावतसर दुर्ग में 19 राजाओं ने राज किया, लगभग 434 साल से राज परिवार ही कर रहा संभाल, 270 साल से निकल रही गणगौर की सवारी
प्रदेश के कई जिलों की हनुमानगढ़ जिले के  शहर  रावतसर में भी दुर्ग है, लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि इसकी सार-संभाल आज भी राजा-महाराजा की पीढ़ियों के लोग ही कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि रावतसर शहर  में यह दुर्ग लगभग 434 साल पहले बना था और आज भी यह सिलसिला जारी है। यही कारण है कि रावतसर के वार्ड आठ में यह ऐतिहासिक दुर्ग जिले के इतिहास और वैभव की गाथा बताता है। यह दुर्ग राजा विजयसिंह ने 17वीं शताब्दी में बनवाया था। इससे पहले रावत राधोदास ने 1584 में यहां चूने का गढ़ बनवाया था। उसके बाद से लेकर अब तक 19 राजाओं ने यहां राज किया। खास बात ये है कि अब भी इसकी देखभाल करने के लिए राजा-महाराजाओं के वशंज हर दो साल बाद यहां आते हैं और कई दिन यहां रुकते हैं। इस दुर्ग के पहले शासक रावत राधोदास थे और अंतिम रावत तेजसिंह थे। इसके बाद अब राजा तेजसिंह के बेटे बलभद्रसिंह राठौड़ (सेवानिवृत्त आईपीएस) इसकी देखभाल करते हैं। खास बात ये भी है कि 270 सालों से इस दुर्ग से गणगौर की शाही सवारी निकाली जा रही है। सबसे बड़ी बात ये है कि सबसे पुराने भटनेर किले की देखरेख भी रावतसर के शासकों ने की थी। यह दुर्ग करीब 12 बीघा में फैला है। फिलहाल इसकी देखभाल का जिम्मा गुरुचरण सिंह कामगार को दे रखा है।



दुर्ग में बना है पूर्व प्रधानमंत्री वीपीसिंह का संग्रहालय... विदेशों में मिले कीमती उपहार बढ़ा रहे इसकी शान
रावतसर के दुर्ग में बने संग्रहालय में पूर्व प्रधानमंत्री वीपीसिंह की लगी प्रतिमा।

संग्रहालय में रखी गई ये वे घरेलू वस्तुएं हैं, जो पूर्व प्रधानमंत्री वीपीसिंह को उपहार में मिली थीं। सभी इसी संग्रहालय में रखी हैं।

परंपरा...आज भी गाजे-बाजे से निकलती है सवारी
इस दुर्ग की एक खासियत ये भी है कि स्थापना से लेकर अब तक यहां से गणगौर की बड़ी सवारी गाजे-बाजे के साथ निकलती है। जिसे 270 साल हो चुके हैं, जो अब भी जारी है। इसमें पूरा रावतसर कस्बा और महाराजा के वशंज शिरकत करते हैं।

वीपीसिंह जब प्रधानमंत्री थे, तब यह नाव उपहार स्वरूप उन्हें विदेशी दौरे में मिली थी। लोग इस नाव के साथ खूब फोटो खिंचाते हैं।

इस वंश की बहू रानी लक्ष्मीकुमार चुड़ावत, जो अंतिम शासक रावत तेजसिंह की पीढ़ी भी यह दुर्ग खास पहचान रखता है। वह विधानसभा अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष और राज्य सभा सदस्य रही हैं। राजघराने की पहली ऐसी महिला थी जो राजस्थानी की प्रख्यात साहित्यकार के रूप में जानी जाती थी

Friday, May 15, 2020

आज वित्त मंत्री जी द्वारा 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज की घोषणाओं It is the third day of FM’s announcements about Rs 20 lakh crore

आज वित्त मंत्री जी द्वारा 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज की घोषणाओं का तीसरा दिन है। पहला कार्य जो वित्त मंत्री जी को करना चाहिए था वो यह होता कि पैकेज से संबंधित राशि, संख्या का ब्रेकअप दिया जाता। यह पारदर्शिता, स्पष्टता एवं इसके impact को समझने के लिए ज़रूरी है।
राज्यों को कोई वित्तीय सहायता नहीं दी गई है जबकि कोविड-19 से लड़ाई, लॉकडाउन को लागू करना, प्रवासियों, मज़दूरों एवं गरीबों को राहत का सारा खर्चा राज्यों द्वारा वहन किया गया है।
जब जीडीपी गहरी मंदी की चपेट में है एवं पूर्वानुमान है कि इस साल यह -3 % हो सकती है, 14 करोड़ से ज़्यादा लोगों की नौकरियां चली गई हैं, काफी बड़ी संख्या में लोग भुखमरी के कगार पर हैं, भारत सरकार ने ऐसा पैकेज दिया है जिसका 90% बैंक लोन के रूप में है।
यह स्पष्ट है कि इस पैकेज में भूमिहीन किसान एवं शहरी गरीब के लिए कुछ नहीं है।
It is the third day of FM’s announcements about Rs 20 lakh crore rescue package. The first thing the FM should have done was to give a complete break-up of the numbers, figures, details regarding the package. It is important for transparency, clarity & for understanding the impact.
States have not been given any financial assistance even though the entire expenditure on fighting #COVID19, enforcing #lockdown, providing support to migrants, labours and relief to the poorest has had to be borne by states.
When the GDP is dipping into deep recession and is predicted to grow at -3 % this year, more than 14 crore people have lost jobs , large number of people are living at near starvation level, Govt of India has given a package 90% of which is in the form of Bank loans.
It is clear that there is nothing for the landless labours and the Urban poor in these package

करीब दो माह से चल रहे लॉकडाउन की पीड़ा झेल रहे प्रवासियों एवं श्रमिकों को

करीब दो माह से चल रहे लॉकडाउन की पीड़ा झेल रहे प्रवासियों एवं श्रमिकों को संबल देने के लिए क्वारेंटीन शिविरों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना हम सबकी जिम्मेदारी है। अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे श्रमिकों की तकलीफ को समझें और क्वारेंटीन सेंटरों में रह रहे इन श्रमिकों के लिए बेस्ट प्रैक्टिसेज लागू करें, ताकि संकट की इस घड़ी में उन्हें राहत मिल सके। ग्राम स्तरीय क्वारेंटाइन समितियों तक भी इन नवाचारों को पहुंचाया जाए।
निवास पर प्रवासियों के सुरक्षित आवागमन, क्वारेंटीन एवं शिविरों की व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा की। लोगों के जीवन की रक्षा करना और मुसीबत के समय में प्रवासियों की पीड़ा को कम करना हमारा ध्येय होना चाहिए। अधिकारी इसकी गहन मॉनिटरिंग करें कि क्वारेंटीन सेंटरों और शिविरों में श्रमिकों को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पडे़।
निर्देश दिए कि हॉट-स्पॉट और कर्फ्यू एरिया को छोड़कर प्रदेश में एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाले व्यक्तियों को 14 दिन के लिए क्वारेंटीन नहीं किया जाए। केवल उन्हीं लोगों को क्वारेंटीन करें, जिनमें सर्दी, खांसी या जुकाम (आईएलआई) के लक्षण पाए जाएं। यह भी निर्देश दिए कि सीमावर्ती जिलों के औद्योगिक क्षेत्रों जैसे भिवाड़ी, नीमराणा आदि में प्रतिदिन व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आने वाले दूसरे राज्यों के उद्यमियों एवं श्रमिकों को भी क्वारेंटीन नहीं किया जाए।

लोगों ने मास्क लगाने को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया है, यह अच्छा संकेत है। लोगों में कोरोना को लेकर अब जागरूकता आने लगी है। इससे ही हम लॉकडाउन में और अधिक छूट देने तथा जीवन रक्षा के लिए तैयार हो सकेंगे। लोगों के ये सकारात्मक प्रयास ही इस लड़ाई से जीतने में मददगार होंगे।

Marwar Medical University (MMU) - Rajasthan ADMIT CARD

Marwar Medical University (MMU) - Rajasthan Exam: MMUET (UG & Diploma) 2026 Exam Date: Scheduled for July 03, 2026 Admit Card: Avail...